सऊदी अरब में आपकी ग्रेच्युटी कितनी बनती है?
सऊदी लेबर लॉ के आर्टिकल 84, 85 और 87 के मुताबिक़ हिसाब। इस्तीफ़ा देने से पहले देख लें कि कुछ दिन रुकने से कितना फ़र्क़ पड़ता है।
नौकरी की अवधि
तनख़्वाह (सऊदी रियाल में)
नौकरी कैसे ख़त्म हो रही है?
4बाक़ी बकाया (वैकल्पिक)
अपने देश की करेंसी
इस्तीफ़ा अभी दूँ या रुक जाऊँ?
सऊदी ग्रेच्युटी के नियम एक नज़र में
| सर्विस | इस्तीफ़े पर | कंपनी ख़त्म करे या कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म हो |
|---|---|---|
| 2 साल से कम | कुछ नहीं | पूरी |
| 2 से 5 साल | एक तिहाई | पूरी |
| 5 से 10 साल | दो तिहाई | पूरी |
| 10 साल या ज़्यादा | पूरी | पूरी |
पूरी ग्रेच्युटी = पहले 5 साल में हर साल की आधी महीने की तनख़्वाह, और उसके बाद हर साल की पूरी महीने की तनख़्वाह। साल के अधूरे हिस्से का भी अनुपात से हिसाब होता है, और हिसाब आख़िरी तनख़्वाह पर होता है।
उदाहरण से समझें
मान लीजिए आपकी कुल महीने की तनख़्वाह 6,000 रियाल है और आप 4 साल बाद इस्तीफ़ा देते हैं। पूरी ग्रेच्युटी 6,000 ÷ 2 × 4 = 12,000 रियाल बनती है, लेकिन 2 से 5 साल की सर्विस पर इस्तीफ़े की सूरत में एक तिहाई मिलता है, यानी 4,000 रियाल।
अगर आप 5 साल पूरे करके इस्तीफ़ा दें तो पूरी ग्रेच्युटी 15,000 रियाल हो जाती है और हिस्सा दो तिहाई, यानी 10,000 रियाल। सिर्फ़ एक साल के फ़र्क़ से 6,000 रियाल ज़्यादा। इसीलिए इस्तीफ़े से पहले हिसाब ज़रूर देखें।
आम सवाल
क्या 2 साल से पहले इस्तीफ़ा देने पर कुछ मिलता है?
नहीं। अगर आप 2 साल से कम सर्विस पर ख़ुद इस्तीफ़ा दें तो ग्रेच्युटी नहीं बनती। लेकिन अगर कंपनी निकाले या कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म हो तो कम सर्विस पर भी अनुपात से रक़म बनती है, सिवाय इसके कि नौकरी प्रोबेशन के दौरान ख़त्म हो।
क्या हाउसिंग और ट्रांसपोर्ट अलाउंस शामिल होते हैं?
आम तौर पर हाँ। सऊदी क़ानून आख़िरी असल वेतन पर हिसाब करता है, यानी बेसिक तनख़्वाह के साथ हाउसिंग और ट्रांसपोर्ट जैसे फ़िक्स्ड अलाउंस। कमीशन या ओवरटाइम जैसी बदलती रक़म आम तौर पर शामिल नहीं होती। अपना कॉन्ट्रैक्ट ज़रूर देखें।
हिसाब पहली तनख़्वाह पर होता है या आख़िरी पर?
आख़िरी तनख़्वाह पर। अगर सालों में आपकी तनख़्वाह बढ़ी है तो पूरी सर्विस का हिसाब नई तनख़्वाह पर होगा।
कंपनी को कितने दिन में भुगतान करना होता है?
क़ानून के मुताबिक़ अगर कंपनी कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म करे तो एक हफ़्ते के अंदर, और अगर आप ख़ुद नौकरी छोड़ें तो दो हफ़्तों के अंदर सारा बकाया अदा होना चाहिए।
क्या यह हिसाब सरकारी है?
नहीं, यह एक अनुमान है। आख़िरी रक़म आपके कॉन्ट्रैक्ट और कंपनी के रिकॉर्ड पर निर्भर है। पुष्टि के लिए HRSD का सरकारी कैलकुलेटर इस्तेमाल करें।