क्या सऊदी ग्रेच्युटी में हाउसिंग अलाउंस शामिल होता है?
आख़िरी अपडेट: अक्टूबर 2026। यह जानकारी सऊदी लेबर लॉ पर आधारित है, क़ानूनी सलाह नहीं।
आम तौर पर हाँ। सऊदी क़ानून ग्रेच्युटी का हिसाब आपके आख़िरी “असल वेतन” पर करता है, यानी बेसिक तनख़्वाह के साथ हाउसिंग और ट्रांसपोर्ट जैसे फ़िक्स्ड अलाउंस। हर महीने बदलने वाली रक़म, जैसे ओवरटाइम या कमीशन, आम तौर पर शामिल नहीं होती। कुछ कॉन्ट्रैक्ट में अलग बात लिखी होती है, इसलिए अपना कॉन्ट्रैक्ट ज़रूर देखें।
आम तौर पर क्या शामिल होता है और क्या नहीं
आम तौर पर शामिल: बेसिक तनख़्वाह, हर महीने नक़द मिलने वाला हाउसिंग अलाउंस, तय महीने का ट्रांसपोर्ट अलाउंस, और दूसरे फ़िक्स्ड अलाउंस। आम तौर पर शामिल नहीं: ओवरटाइम, बदलने वाला कमीशन या बोनस, और एक बार मिलने वाली रक़म। अगर कंपनी नक़द हाउसिंग अलाउंस की जगह रहने की जगह देती है, तो उसका हिसाब आपके कॉन्ट्रैक्ट पर निर्भर है।
फ़र्क़ कितना बड़ा है?
उदाहरण: बेसिक तनख़्वाह 4,000 रियाल, हाउसिंग 1,000 रियाल और ट्रांसपोर्ट 400 रियाल, यानी कुल तनख़्वाह 5,400 रियाल। कंपनी 6 साल बाद कॉन्ट्रैक्ट ख़त्म करती है।
| हिसाब किस पर | पूरी ग्रेच्युटी (रियाल) |
|---|---|
| सिर्फ़ बेसिक (4,000) | 14,000 |
| कुल तनख़्वाह (5,400) | 18,900 |
यानी एक ही नौकरी पर 4,900 रियाल का फ़र्क़।
पहली नहीं, आख़िरी तनख़्वाह
हिसाब उस तनख़्वाह पर होता है जो आख़िर में मिल रही थी। अगर आपने 3,000 रियाल पर शुरुआत की और 5,000 रियाल पर नौकरी ख़त्म हुई, तो सर्विस के हर साल का हिसाब 5,000 रियाल पर होगा।
अगर कंपनी सिर्फ़ बेसिक तनख़्वाह पर हिसाब करे
HR से लिखित में पूछें कि आपका सेटलमेंट कैसे निकाला गया, और उसे क़िवा (Qiwa) प्लेटफ़ॉर्म पर मौजूद अपने कॉन्ट्रैक्ट से मिलाएँ। फिर भी मतभेद हो तो आप मानव संसाधन मंत्रालय में मुफ़्त सुलह (amicable settlement) की अर्ज़ी दे सकते हैं। देखें: कंपनी ग्रेच्युटी न दे तो क्या करें। हमारे कैलकुलेटर में आप कुल तनख़्वाह या सिर्फ़ बेसिक, दोनों चुनकर फ़र्क़ देख सकते हैं।
अपना हिसाब लगाएँ
अपनी तारीख़ें और तनख़्वाह लिखें, और तुरंत देखें कि आपकी ग्रेच्युटी कितनी बनती है।